करत रहे खोटे करम,जीवन भर व्यभिचार।पावन भगवा ओढ़ कर,अब कैसा प्रचार।।१०६।।भूपेन्द्र डोंगरियाल23/01/2025
करत रहे खोटे करम,जीवन भर व्यभिचार।पावन भगवा ओढ़ कर,अब कैसा प्रचार।।१०६।।
भूपेन्द्र डोंगरियाल23/01/2025