जिसके मुस्कराने से ज़माना मुस्कराता है,
सोया हुआ जीवन स्वतः जाग जाता है।
लगाया है उसको भी उस चाँद ने ग्रहण,
जो ख़ुद उसकी रोशनी से जगमगाता है।।

नसीहत है ये उन भला करने वालों को,
जो दूसरों के लिए खुद योगी बन जाते हैं।
सच ये भी है कि देवदूत ही जिन्दा पीर होते हैं,
तभी तो उनके दम पर शोषित न्याय पाते हैं।।

भूपेन्द्र डोंगरियाल
20/04/2023