ताउम्र किताब पढ़ने में लगा दी जिसने,अब कहता है कि बेरोजगार हूँ यारो।लानत है उस किताब को साथी,कमबख्त,हाथों का हुनर ही डकार गई यारो।।भूपेन्द्र डोंगरियाल18/12/2025
ताउम्र किताब पढ़ने में लगा दी जिसने,अब कहता है कि बेरोजगार हूँ यारो।
लानत है उस किताब को साथी,कमबख्त,हाथों का हुनर ही डकार गई यारो।।
भूपेन्द्र डोंगरियाल18/12/2025