सफर में हम यहां तक आ गए
जहां आगे रास्ते सारे धुंधला गए...
और पिछले सारे रास्ते हमनें
कुन्ध है डाले
अब तो समझ के भी परे है
किस ओर अंधेरा
और किस ओर हैं नए उजाले...!


सफर में हम यहां तक आ गए
जहां आगे रास्ते सारे धुंधला गए...
और पिछले सारे रास्ते हमनें
कुन्ध है डाले
अब तो समझ के भी परे है
किस ओर अंधेरा
और किस ओर हैं नए उजाले...!