
उतार कर फैक दो ये जिस्म का कपडा
बहोत बदबू आती है मैला भी हो जाता है
और हो सके तो लपेट लो रूह को किसी स्याह कपडे से
जिसपे हर रंग आकर समां जाये
जैसे की उसका अपना कोई वज़ूद ही न था कभी
जिसपे रोशनी पड़े और खो जाये आगोश में
गर्म साँसों के बिछोने को लिए
या फिर लपेट लो कोई सुफेद कपडा
जिसपे जो भी रंग पड़े वो उसके जैसा हो जाये
जिसके आगोश में ठंडक हो सुकून हो
अहसास हो
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