गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और महँगाई—भारत के वो सदाबहार मुद्दे हैं,जिनका मौसम कभी नहीं बदलता।हर चुनाव में इनकी चर्चा होती है,हर बजट में इनका ज़िक्र होता है,हर भाषण में इनका समाधान होता है—बस ज़िंदगी मेंइनका अंत नहीं होतादिवाकर पाण्डेय ' मनोज
गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और महँगाई—भारत के वो सदाबहार मुद्दे हैं,जिनका मौसम कभी नहीं बदलता।हर चुनाव में इनकी चर्चा होती है,हर बजट में इनका ज़िक्र होता है,हर भाषण में इनका समाधान होता है—बस ज़िंदगी मेंइनका अंत नहीं होता
दिवाकर पाण्डेय ' मनोज