
वह मेरा समय था
मुझे याद आता है
वो मिट्टी की खुशबू
वो तालाब का पानी
वो महक आम के बागान कि
वो चहक भोर के पंछियो कि
वो मां के हाथ का खाना
वो पिता जी के साथ चौक पे जाना
वो मेरे भेंस को मिलो घास चराना
वो रेडियो ठीक करवाने शहर जाना
वो मेरे खेत में बांस का मचान
वो बागान में सांप को देख अटकती जान
वो कच्चे दूध का स्वाद
वो खाट पे
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