पापा

सपनों में क्यूँ आते हो

सच में पास आओ न

मुझको गले लगाओ न

बहोत सा दर्द भर गया है

मिलकर इसे निकालो न

मैं तो सपनों में भी मिल लेता हूँ

माँ का क्या

वो तो सोती ही नहीं

वो कैसे मिलेंगी आपसे

मोन मत रहो कुछ बोलो न

रात जब उठ बहन रोती है

पापा पापा करती है

उसका भी डर भगाओ न

भाई थोड़ा दूर जा रहा है

नहीं जानता पास उसे कैसे लाऊँ

आप ही आ कर समझाओ न

पापा पास आओ न

पापा पास आओ न