शुक्र है मैं ज़ीरो हूँ मुझे गिरने का डर नहीं , मुझे कुछ खोने का ग़म नहीं , मैं सिर्फ़ आगे ही बढ़ सकता हूँ क्यूँकि ज़ीरो से नीचे कुछ है ही नहीं।

आगे बढ़ने की कोशिश में मैं या तो सफल हो जाऊँगा या फिर ज़ीरो ही बन जाऊँगा इसलिए सफल , असफल होने का मुझे कोई अफ़सोस नहीं।

मैं ज़ीरो हूँ मैं सबकी शुरुआत हूँ , मैं सबका अंत भी हूँ।जो अपनी शुरुआत को अपने अंत तक साथ रखेगा उसकी क़ीमत बढ़ती ही जाएगी , वो अनगिनत हो जाएगा।