आज फिर शहर में कयामत की बारिश हो रही है

तुम्हारी यादें तो रोज सताती है पर आज आंखे नम हो रही है

आज फिर शहर में कयामत की बारिश हो रही है


ये जो दर्द मेरे दिल में है

तुम्हारे दिल में भी होगी शायद

इसलिए आज शाम कम हो रही

आज फिर शहर में कयामत की बारिश हो रही है


तेरा उस दिन छोड़ के जाना

मुझसे यू नजरे ना मिलाना

आज तक झकझोरती है मुझको

अब यही सोच के सांसे कम हो रही है


आज फिर शहर में कयामत की बारिश हो रही है

तुम्हारी यादें तो रोज सताती है पर आज आंखे नम हो रही है

आज फिर शहर में कयामत की बारिश हो रही है।