कुछ यादें अफसोस बन कर रह जाती

एक मंजिल को पाने का मुकाम दे जाती है

याद करने से तकलीफ होती है

यादों को भुलाकर आगे बढ़ना ही किस्मत होती है

लेखक: दीपक शर्मा सीकर राजस्थान 7737700111