दोस्ती के पथ पर मस्त होकर चले जा रहे थे

दिक्कत हुई न जाने कुछ लोगों को बहुत क्यों

बीज बोया नफरत का कुछ लोगों ने ऐसा जहरीला

आज चुपके से फोटों में एक दूसरे की शक्ल देखकर

हम दोनों छिप-छिप कर आँसू की धारा से रोये जा रहे है

सब कुछ लुटा के हमको होश आया जब जिंदगी

तो हमने हिसाब लगाया दोस्ती पर प्रश्नचिह्न लगाकर

अनमोल रिश्ते पर उंगली उठाकर बहुत कुछ गंवाया जिंदगी ।।


दीपक कुमार त्यागी / हस्तक्षेप

ट्विटर हैंडल :- @deepakgzb9