अजब इस जमाने का दस्तूर है जो जितना पास है वो उतना दूर है   आपकी आवाज़ें नहीं पहुँचेगी उनके कानों तक अभी वो सत्ता के नशे में चूर है   जो सड़कों पर घूम रहे वो अपराधी हैं जो अंदर बंद हैं वो बेक़सूर है