जब से मेरी इन आँखों पर तेरी जुल्फों का साया हो गया है
प्यार-इश्क-मुहब्बत में कितना वक्त जाया हो गया है
एक सख्श आज भी दिल के उतना ही करीब है
बेशक ज़माने को लगता है कि वो पराया हो गया है
जख्म इश्क में अब तक भरे ही नहीं
दर्द दिल का कुछ गाया, कुछ अनगाया हो गया है
जब से मेरी इन आँखों पर तेरी जुल्फों का साया हो गया है
प्यार-इश्क-मुहब्बत में कितना वक्त जाया हो गया है !


