हर तरफ तीर--तार मंज़र है

आप कहते है रौशनी का शहर है

 

खबर है जिनको दुनिया भर की

वो अपने ही घर से बेखबर है

 

शाख से टूटे हुए पत्ते हैं इस डगर में

लगता है नजदीक ही कोई शजर है