जो बीत गया है जो
वो दौर ना आयेगा
इस दिल में सिवा तेरे
कोई और ना आयेगा
तू है खफा मुझसे
कब तक तड़पायेगा
अंतहीन है प्रेम मेरा
इसका छोर ना पायेगा
यही तो जीवन है दोस्त
सुख दुख आयेगा जायेगा
तुझे देख मिलता सुकून
कब तक यूँ तरसायेगा
तू लाख भुला दे मुझे
दिनेश दूर ना जायेगा ।।
दिन-ऐश


