वो दिन वो पल वो रात भी
क़यामत की होगी
जब बात हमारे दिल की
उन्हें मालुम होगी
वो समजे के ना समजे
अपनाये या ठुकराए
ये और बात है
वो दिल में रेहते थे..रेहते है
और रहेंगे...
ये और बात है
क़यामत होगी
जब वो ठुकरायेंगे हमें
क़यामत तब भी होगी
जब वो अपनाएंगे हमें
पर ये क़यामत और वो क़यामत
दोनों और बात है
( दोनों अलग बात है )
वो दिन वो पल वो रात भी
क़यामत की होगी
जब बात हमारे दिल की
उन्हें...मालुम होगी