नाम की है आज़ादी किस काम है आज़ादी वो और थे... कुछ अलग ही खून था उनमें जो शहीद हो गए इस देश क लिए एक जूनून था उनमें अब तो बस व्हाट्सएप की डी.पी में तिरंगा लहराता है फेसबुक पर लाइव झंडा फहराया जाता है बाइक में कारों में दिखावा किया जाता है अगले दिन वही झंडा रास्ते में पाया जाता है आज़ादी ?? वो और थे जो कहते थे मेरी दुल्हन तो आज़ादी है अब तो यहाँ...जगह-जगह बेवजह कचरा करने की आज़ादी है घूस माने करप्शन की आज़ादी है गुंडागर्दी की आज़ादी है नवजात शिशु अगर लड़की है तो उसे मारने की आज़ादी है लड़कियों को छेड़ने की आज़ादी है देहज की आज़ादी है अजीब मर्दानगी है...औरतों पे हाथ उठाने की आज़ादी है तलाक तलाक तलाक की आज़ादी है गरीबो का...मजदूरों का...शोषण करने की आज़ादी है Tweet करने की आज़ादी है पत्थर फेंकने की आज़ादी है छोटे बच्चो या मासूमो की मौत पर सियासत करने की आज़ादी है क्या ये ही आज़ादी है ??? यहाँ हर कोई घूमता है बदल कर भेस अलग अलग जंजीरों में आज भी बंधा हुआ है देश आओ सब मिलकर आज़ाद करें इस देश को करप्शन से...कचरे से...गुंडागर्दी से शोषण से..भ्रूण-हत्या से...दहेज़ से....बेरोज़गारी से और बनाएं सही मायने में इस भारत को आज़ाद भारत