खेल जगत की दुनिया में नाम जिन्होंने कमाया है,
खून पसीना एक किया तब तिरंगे का मान बढ़ाया है।
हौड़ लगी थी मिलने की जब सोना जीतकर लाए थे,
मोहताज है वो न्याय को लोगों ने जिन्हें सताया है।
दिलों से उनके ये निकलेगा कोई और बेटियाँ ना खेले,
ना हो शिकार किसी नेता की ये खेल जगत का निराला है।
न्याय न होना उनके साथ ये तिरंगे का भी अपमान है,
झुकेगीं वो सरकारें भी इक दिन जिनको अपनों पर गुमान है।
~Dk Megh..

