वक्त कुछ इस तरह गुजरता गया और हम बेखबरी मैं जीते रहे आईने में चेहरे में दिखी झुरिया लेकिन आंखें अभी भी कह रही थी... कर ले अधूरे सपने पूरे बचा वक्त भी निकल जाएगा... उम्मीद करनी है तो खुद से करें तेरी दुनिया बदल जाएगी।।