दुनिया वालों ने हमे ना जाने क्या-क्या समझा हम भी खामोशी से सुनते रहे जब थक गए वह बोलते बोलते हैं तब हमने स्वयं. में झांक कर खुद से कहा कि हम बेहतरीन हैं....