होठो पर मे खुशीया लाता.... मुझसे सारे काम हो जाते ....
दरद की दवा हुँ मै जिसने मुझे संभाला उसके पास मे सदा रहता....
अभिमान मुझी से ही आता...पाकर मुझे रोता हुआ भी मुस्कराता......
मै हुँ पैसा ...
मेहनत व सच्चाई से जो मुझे कमाता उसके आस पास रोगो को नही मे भटकने देता......
मै हुँ पैसा....
दुनिया को मे नचाता हुँ... कोई मेरे बिना नही रह पाता...
जिसने मुझमे मोह डाला...कब सपूत से कपूत बन गया ना जान पाया....
सबसे सयानी एक सीख मिल जाऊं मैं तो ....तो ना पानी जैसे मुझे बहाना....
लोट के फिर ना आऊँगा.. तुम सोचते रह जाओगे जाने
किस कोने मे छिप जाऊगा....
किस्मत को ना देना दोष... बस लगे रहना काम पर सुबह हो या -शाम....
विचारो मे मत करना समय बरबाद मेहनत को बनाना अपना हथियार अपने आप मे आजाँऊगा......
देखकर मुड़ के पीछे तुम ना देखना....
आगे बढ़ते जाना.....
कही ना कही से मैं नजर आजाँऊगा......
मै हुँ पैसा... एक जगह सदा नही टिकता....