हर रोज बगिया मे एक नया फूल उगाएगे...
हर दिन एक नये बीज को खाद पानी देगे...
एक नया विचार रोज हमारे अन्तरमन मे लाएगे....
पुराने विचारो को लुप्त कर नये दीप जलाऐगे....
दिल की दीवारो की मरम्मत दिन परतिदिन करते जाएेगें....
अवगुण को दूर कर सदगूण अपनाएगे.....
खुशियों के दीप जलाऐगे....