खुशियों का झोला लेकर  कोई उन्हें बेच रहा था बड़े ही मोल भाव से बिक रही थी हम भी मुंह मांगी कीमत लेकर खड़े थे पर यह क्या हुआ.... हमारी बारी आई तो झोला खाली हो चुका था......