चलो आज खुशीया मनाते है फिर से बच्चे बन जाते है़ बचपन मे खो जाते है़। कोई पुराना खेल फिर से खेलते है चलो आज खुशीया मनाते है। चलो आज फिर कि्केट खेलते है पंतग दूर तक आसमान मे उड़ाते है साइकिल के पहियो पर खोये हुए बचपन को दौड़ाते है।। चिञ कोई ढूढ़ कर लाते है फिर से बनाते है चलो आज फिर खुशीया मनाते है