दोनों हाथों से बांट रहा था वह बड़ा दिल वाला था पर पैसा बैठा रो रहा था मन ही मन उस को कोस रहा था क्यों मुझ को व्यर्थ मैं बहा रहे हो जहां मेरी कदर हो वहां मुझे खर्च करो।। नहीं तो मैं रूठ जाऊंगा लौट कर नहीं आऊंगा फिर ना कहना को सच्चे ईमानदार दिल वाले इंसान क्यों पैसा नहीं आता .....