मोमबत्ती की तरह पिघल रहा है जीवन
हर इंसान पर निर्भर है किसी का जीवन
यूं ही मत बुझा देना जलती लौ को
तुम रोशन कर रहे हो किसी का जहाँ........


मोमबत्ती की तरह पिघल रहा है जीवन
हर इंसान पर निर्भर है किसी का जीवन
यूं ही मत बुझा देना जलती लौ को
तुम रोशन कर रहे हो किसी का जहाँ........