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जीत


ना जाने कितनी बार गिरा ना जाने कितनी बार उठा...... हर बार यही कोशिश थी इस बार टिका रहे.... कितनी बार हार का सामना हुआ पर हारे नहीं... देख कर खुद को अब आश्चर्य होता है कि अब तक जिदा कैसे हैं.... बस इसी जीत खुश रहते हैं...

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