जख्म जब कोई अपना ही कोई नाचीज देता है ऐसे जख्मों को भरने के लिए वक्त का इंतजार करना पड़ता है और जब तक नहीं भरता तब तक दिल यूं ही तड़पता रहता है और ना जाने कितनी दुश्मन पैदा करता है.....