दुनिया है आकर्षण का केंद्र बंदे तू किस किस तरफ जाएगा एक शय की इच्छा पा लेगा तो दूसरी की इच्छा जाग जाएगी.... मन तेरा बार-बार ललचाएगा दुनिया है मायाजाल तू  फसता ही जाएगा..... मन की बातों में जो आएगा जाने क्या क्या खरीद कर लाएगा.... सुख चैन सब जाएगा लालच में फंस जाएगा .... बुद्धि का जो किया उपयोग सो ही इस चक्र से बच पाएगा.. दुनिया है आकर्षण का केंद्र बंदे तू किस किस तरफ तरफ जाएगा.....