आईना देख कर भी कुछ लोग खुद को नहीं संवारते... दूसरों में अवगुण देख कर भी अपने आप को नहीं टटोलते .... लगातार होती है तानो  की बारिश ऐसे लोगों से कभी ना हुई हरियाली  बखान खुद की अच्छाई का करते हैं...... दूसरों में टान्ट कसने में नहीं  कतराते.. अंजामे -ए- जिंदगी से बेखबर लगती है जब ठोकर तब भी अपना दोष दूसरों पर मांडते.... जुड़ा जो इनसे बुरा कहलाया ऐसे लोगों को ही ईश्वर नकारात्मक श्रेणी में लाया । दूरी इनसे है अच्छी......