लाखों दिल दर्द छुपाए मुस्कुराहट का मुखौटा औढ़े घूमते हैं औलाद के लिए..... जीते वह औलाद के लिए.. कमाते है  औलाद के लिए.. ...अर्पण कर देते हैं अपनी जिंदगी औलाद के लिए... मत भूलना मां बाप को हम भी जीते हैं अपनी औलाद के लिए....... ना दे सको सुख सुविधाएं तो अपनी मुस्कुराहट व खुशनुमा शब्द दे देना ....  मां-बाप जीते हैं बस औलाद के लिए....