बड़ा सुकून सा मिलता है जब तुम प्यार से बात करते हो
मेरी किसी गलती को चुपचाप माफ करते हो....
ना धन और ना उपहार की उपेक्षा है......
यह लम्हा ही मेरे लिए अनमोल रत्न के समान है ......


बड़ा सुकून सा मिलता है जब तुम प्यार से बात करते हो
मेरी किसी गलती को चुपचाप माफ करते हो....
ना धन और ना उपहार की उपेक्षा है......
यह लम्हा ही मेरे लिए अनमोल रत्न के समान है ......