आजाद भारत कीनारी आज भी गुलाम है आज भी उसके किए गए विरोध को गलत ठहराया जाता है

आज भी उस के हर  फैसले का जिम्मेदार सिर्फ उसको ठहराया जाता है

ढूंढ रही है आज भी अपना वजूद आज भी...

मर्यादा परंपराओं की जंजीरों में जकड़ी हुई है आज भी.