महफिलों के कारण घर से निकल जाता था,अब बंद कमरों में तन्हा यहां से वहां डोलता हूं ।पहले दस्तकों से भी परेशान था मैं,अब पडोसी के घर पे पडी दस्तक पर, अपना दरवाजा खोलता हूं।।
महफिलों के कारण घर से निकल जाता था,अब बंद कमरों में तन्हा यहां से वहां डोलता हूं ।
पहले दस्तकों से भी परेशान था मैं,अब पडोसी के घर पे पडी दस्तक पर, अपना दरवाजा खोलता हूं।।