जो कल तक गूंगे थे
वो आज वक्ता बने बैठे हैं
मीडियाई राज दरबार के
प्रवक्ता बने बैठे हैं
जनता से कहतें हैं कि
इनका निर्णय करो
और खुद बेईमान चोरों के
अधिवक्ता बने बैठे हैं....!!