छोड़ दिया है दामन मेरा मेरे बेटे ने ।
दूर हो जाओ दोनों बोला मेरे बेटे ने ।
जिसको राजा बेटा कहकर रोज बुलाते थे ।
जिसका सर सहलाकर पूरी रात सुलाते थे ।
क्यों इतना कड़वा बोल दिया है मेरे खोटे ने ।
दूर हो जाओ दोनों बोला मेरे बेटे ने ।
गिरवी मेरे सपने मेरी इच्छाएं लाचार थी ।
उसकी दुनिया लगती मुझको मेरा ही आकार थी ।
कैसे धक्के मारे मुझको मेरे छोटे ने ।
दूर हो जाओ दोनों बोला मेरे बेटे ने ।
क्या करुणा का सागर उसका सुख गया होगा ।
बूढ़े कन्धों से उसका मन ऊब
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