
याद आता है बचपन का लम्हा वो सारा
वो गांव की खुशियाँ वो खूब चंचल नजारा
वो मेले मे जाना वो जाके खूब मुस्कुराना
माँ की उंगली पकड़ के वो शय को दिखाना
माँ का उंगली दबाके वो आंखें दिखाना
अपनी जिज्ञासा दिल ही दिल मे दबाना
याद आता है माँ का वो दिलाया गुब्बारा
वो गांव की खुशियाँ वो खूब चंचल नजारा
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