हाथ दुआ में उठे किसी इंसान केकहीं खंजर दिखे हाथ में बेईमान केइधर प्यार में धड़कता है दिलउधर शक और नफरत की इंतहा है
हाथ दुआ में उठे किसी इंसान केकहीं खंजर दिखे हाथ में बेईमान के
इधर प्यार में धड़कता है दिलउधर शक और नफरत की इंतहा है