मति मारी गयी है सफेदपोशों कीमगर क्यों?आखिर चाहते क्या हैं?विवेकशून्य समाज एक कोढ़ हैगिर गये हैपिट गये हैंदेश बदल रहा हैआगे बढ़ रहा हैचलो उस हसीन मोड़ की जानिब ...उसके आगे एक खूबसूरत गुलिस्तांबनाएं