न कुछ कहा जाए, न कुछ सुना जाए,क्यूं न इस भीड़ में, तनहा रहा जाए।।धर्मेंद्र ' धरम '10.2.25
न कुछ कहा जाए, न कुछ सुना जाए,क्यूं न इस भीड़ में, तनहा रहा जाए।।
धर्मेंद्र ' धरम '10.2.25