शाम का सपना's image
1 min read

शाम का सपना

Dharmendra AhirwarDharmendra Ahirwar June 16, 2020
Share0 Bookmarks 259691 Reads0 Likes

पानी का छोर दिख नहीं रहा 

तो मान लिया जाए 

कि मैं समुद्र को देख रहा हूँ तालाब में 


अगर मैं समुद्र पर पैर रखकर खड़ा हो जाऊं

तो ज़ाहिर है की सूरज को नीचे से छू लूँगा 

शायद, वह मेरी हथेली पर आ जाए


अभी अभी जो नाव गुजरी है 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts