आवाजों में से संवाद चुराकर 

कह देना अपना मौन 

चुप्पी का एकालाप मत बुनना 

मेरे लिए 


मौन की अपनी एक भाषा है 

दो दिलों के बीच 

जब निःशब्द होता है 

तब प्रेम होता है मौन 


पक्षियों की देह और फरों के बीच 

जब दबा होता है 

तब उड़ान होता है मौन 


भीतर से ही दबे हुए 

आकाश छू लेने का सपना देखता है 

जब में नज़रे उठाता हूँ 

आसमान की ओर 

तब रंगीन बादल होता है मौन 


जब तुम मुझे सुनना चाहो 

तो मेरे मौन को सुन लेना 

अक़्सर 

मेरी आवाज़ होता है

मौन