तुझको एक पहचान दु तू आ
बारिश में क्या भीगे मेरी आंखों में भीग जा तू आ
अगन तुझसे ऐसी लगी तू आ इसे बुझा जा तू आ
रात के अंधेरे में ओर दिन के उजाले में
खुशबू अपने प्यार की तू फैला जा तू आ
तू नदिया और में पानी अपनी यही कहानी
सबको आके सुना जा तू ,आ, तू ,आ ,तू ,आ ।
Neha dhanuka ?