जितने की उम्मीद तु कभी मत छोड
रुकावटे तो आती रेहेती है फिर
भी सच की राह कभी मत छोड
तुफान को जीवन मे आने दो
पर तुम्ही कभी डरना नही
जीत को हासील करते करते
हार कभी मानना नही
ये वक्त भी चला जायेगा
मिल जायेगी मंजिल तुम्हे
अपने जीत का परछम लेहेराके
सदा आगे बढते रहो तुम
सदा आगे बढते रहो तुम
