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चांद


ए चांद खुद पे इतना मत इतरामेरे पास भी चांद हैतुझपे तो हजारो दाग हैलेकीन मेरा चांद तो बे दाग है

ए चांद तू इतना मत खुश होतुम पे होती होगी शायरीयापर मेरा चांद तो खुद शायरी हैजो मेरे कलम से निकली है

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