किसी ने हांथ पकड़े और जन्नत दिख गई
मियां बर्क-ए-अजाब थी हम पर उतर गई
बुतपरस्त ना मैं पहले था ना अब ही हूं
पर उसकी तस्वीर बनाने की लत लग गई
मैं तमाम उम्र बचता ही रहा इस बीमारी से
पर क्या करें मियां अब लग गई तो लग गई


किसी ने हांथ पकड़े और जन्नत दिख गई
मियां बर्क-ए-अजाब थी हम पर उतर गई
बुतपरस्त ना मैं पहले था ना अब ही हूं
पर उसकी तस्वीर बनाने की लत लग गई
मैं तमाम उम्र बचता ही रहा इस बीमारी से
पर क्या करें मियां अब लग गई तो लग गई