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स्वाधीनता ✨


गौरव की भाषा नई सीखभिखमंगो की आवाज बदलसिमटी बाहों को खोल गरुड़अब उड़ने का अंदाज बदल ।

अब नही गांव में भिक्षु औरदिल्ली में कोई दानी हैतू दास किसी का नहींस्वाधीन देश का प्राणी है ।

**देव शंकर झा**

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