आदमी होकर आदमी से बैर रखता है  भू पर खड़ा हो नही पाता आसमां पर पैर रखता है, बहुत अजीब है कुदरत का बनाया नमूना  इंसान ही इंसानियत को बाजा़र करता है , शब्दों में बयां कर नही सकता इसके कारनामें  स्वार्थ की खातिर अपना भगवान भी बदलता है , बिक जाता है यहां अब तो ईमान भी  पैसे की खातिर भाई भाई का खून करता है , बूढ़े माँ बाप को वृद्धाश्रम में छोड़कर  इंसान ने तरक्की कर ली, क्या बकवास करता है , 5 साल की बच्ची के साथ दुस्कर्म कर  अपराधी बेखौफ हो कर जीवित घूमता है , और मिडिया यहां का हिंदू मुसलमान करता है  अरे बच्ची को भी नहीं छोडता उस पर भी राजनीति करता है , मुझे तो शर्म आने लगी है खुद को इंसान कहने पर  रोज बलात्कार जैसी न्युज अखबार में पढकर  यूँ ही चलता रहा तो लड़कियाँ गर्भ में ही मार देंगे लड़कों को , ताकि कोई बलात्कारी पैदा ही न हो , देव अह तो  यही लड़कों का भविष्य कहता है || . साहब आदमी भी कमाल करता है ,,,