शब्दों के भँवर में डूबकर गोता लगाना और चुनिंदा शब्दों की माला बनाना बुराई में फँस जाए अगर मुल्क अपना शब्दों से अच्छाई का आयना दिखाना कभी खुशी तो कभी दर्द-ए-दिल का शब्दों से गज़ल गीत व अफसाना बनाना रूठ जाए अगर महबूबा तो उसे शब्दों से बहलाना फुसलाना व मनाना है शब्द ही जीवन शब्द ही राग है शब्दों से जीवन का साज़ सजाना बहुत खुशी मिलेगी बेकरार दिल को कभी फुरसत मिले तो शब्दों से दिल लगाना